BREAKING NEWS: कोटा में CBN का बड़ा एक्शन! 1.368 किलो अवैध चरस के साथ 2 गिरफ्तार, JDB कॉलेज सर्किल के पास होने वाली थी डील, पढ़े खबर
गुप्त सूचना पर केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की झालावाड़ डिवीजन टीम ने घेरा डाला, बैग से बरामद हुई चरस | NDPS एक्ट में केस दर्ज, आगे की जांच जारी
कोटा। नशा मुक्त भारत अभियान के तहत मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) राजस्थान यूनिट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 1.368 किलोग्राम अवैध चरस जब्त की है। कार्रवाई में दो संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

CBN के अनुसार कार्रवाई 6 अगस्त 2026 को कोटा में की गई। अधिकारियों को गुप्त सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति JDB कॉलेज सर्किल के पास चरस के आदान-प्रदान के लिए मिलने वाले हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की झालावाड़ डिवीजन टीम ने निगरानी शुरू की।

CV गार्डन के सामने घेरा, बैग की तलाशी में खुला राज
टीम ने संदिग्ध मार्ग पर निगरानी रखते हुए दोनों संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की। इसके बाद उन्हें JDB कॉलेज सर्किल, CV गार्डन के सामने, कोटा के पास रोका गया।
तलाशी के दौरान उनके पास मौजूद बैग से 1.368 किलोग्राम अवैध चरस बरामद हुई। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद चरस को जब्त कर लिया गया।
मामले में दोनों आरोपियों को NDPS अधिनियम, 1985 के संबंधित प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया है। CBN के मुताबिक प्रकरण में आगे की कार्रवाई जारी है।

ड्रग नेटवर्क पर CBN की नजर
CBN ने कहा कि मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई का उद्देश्य केवल नशीले पदार्थों को जब्त करना नहीं है, बल्कि इनके पीछे सक्रिय अवैध तस्करी नेटवर्क और ड्रग कार्टेल्स को समाप्त करना भी है।
नशा मुक्त भारत अभियान की शून्य सहनशीलता नीति के तहत केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो द्वारा लगातार कार्रवाई जारी रखने की बात कही गई है।

CBN की आमजन से अपील—संदिग्ध गतिविधि की सूचना दें
CBN ने आमजन से अपील की है कि मादक पदार्थों की तस्करी या नशे से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएं।
राजस्थान यूनिट कंट्रोल रूम: 0744-2438928
WhatsApp: 8764748232
ई-मेल: dnc-kota@cbn.nic.in
CBN के अनुसार सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

एक किलो से ज्यादा चरस जब्त, दो गिरफ्तार—अब नेटवर्क तक पहुंचने की चुनौती
कोटा में हुई इस कार्रवाई के बाद अब जांच एजेंसियों की नजर इस बात पर रहेगी कि बरामद चरस कहां से लाई गई थी, इसे किसे सप्लाई किया जाना था और इसके पीछे कोई बड़ा तस्करी नेटवर्क सक्रिय है या नहीं। जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में और खुलासे होने की संभावना है।