BIG NEWS : ये क्या हो रहा चीताखेडा में ,“5 लाख लेकर मुकर गए ये ,अब फिर जमीन पर कब्जा—कानून को खुली चुनौती”,रजिस्ट्री और समझौते के बावजूद दबंगों का आतंक,कार्रवाई के इंतजार में फरियादी,कही खुनी संघर्ष में बदल जाये ये विवाद,पढ़े ये ख़ास खबर

ये क्या हो रहा चीताखेडा में ,“5 लाख लेकर मुकर गए ये ,अब फिर जमीन पर कब्जा—कानून को खुली चुनौती”,रजिस्ट्री और समझौते के बावजूद दबंगों का आतंक

BIG NEWS : ये क्या हो रहा चीताखेडा में ,“5 लाख लेकर मुकर गए ये ,अब फिर जमीन पर कब्जा—कानून को खुली चुनौती”,रजिस्ट्री और समझौते के बावजूद दबंगों का आतंक,कार्रवाई के इंतजार में फरियादी,कही खुनी संघर्ष में बदल जाये ये विवाद,पढ़े ये ख़ास खबर

नीमच। जिले के चीताखेड़ा गांव में जमीन खरीदने के बाद भी हक न मिलना, ऊपर से जान से मारने की धमकी—यह मामला आम आदमी के भरोसे को झकझोर देने वाला है। कनावटी निवासी राजेश बैरागी आज अपनी ही खरीदी हुई जमीन के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

रजिस्ट्री भी, राजीनामा भी… फिर भी कब्जा नहीं!---------
पीड़ित ने वर्ष 2023 में सर्वे नंबर 1503/2 और 1503/3 की कृषि भूमि विधिवत रजिस्ट्री के माध्यम से खरीदी। राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज होने के बावजूद, विक्रेता पक्ष के राजेश साल्वी और उसके साथियों ने जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया।

5 लाख लेकर पलटे, फिर किया कब्जा-------
विवाद सुलझाने के लिए गांव में लिखित समझौता हुआ। समझौते के तहत आरोपियों ने 5 लाख रुपये नकद लिए और दूसरी जगह बाड़ा भी बनवा लिया। लेकिन लालच ऐसा कि पैसा हजम करते ही फिर से पुरानी जमीन पर कब्जा कर लिया।

धमकी, दबाव और खुलेआम गुंडागर्दी------
8 मार्च 2026 को आरोपियों ने पीड़ित का रास्ता रोककर गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। एफआईआर दर्ज होने के बावजूद आरोपियों के हौसले बुलंद हैं। अब वे उल्टा पीड़ित को झूठे केस में फंसाने की धमकी दे रहे हैं।

प्रशासन की चुप्पी पर सवाल------
पीड़ित ने कलेक्टर और एसपी से गुहार लगाई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सवाल उठता है—
- जब रजिस्ट्री वैध है,
- राजीनामा लिखित में हो चुका है,
- पैसे का लेन-देन साबित है,
-तो आखिर प्रशासन कब्जा हटवाने में क्यों नाकाम है?

क्या आम आदमी की जमीन सुरक्षित है?-----
गांव के बीचों-बीच हो रहे इस विवाद ने पूरे क्षेत्र में डर का माहौल बना दिया है। यदि वैध दस्तावेजों के बाद भी जमीन पर कब्जा नहीं मिल सकता, तो आम आदमी कैसे भरोसा करे?

पीड़ित की मांग-----
-अवैध कब्जा तत्काल हटाया जाए
-आरोपियों पर सख्त आपराधिक कार्रवाई हो
-जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए

बड़ा सवाल------
क्या प्रशासन इस मामले में संज्ञान लेकर न्याय दिलाएगा, या फिर एक और पीड़ित सिस्टम के चक्कर काटता रह जाएगा?