BIG NEWS: 11 साल से जिस बेटी की तलाश में भटक रहा था परिवार, आखिर जयपुर में मिला सुराग, पुलिस ने 16 वर्षीय नाबालिग को किया दस्तयाब, माता-पिता के चेहरे पर लौटी खुशी, पढ़े खबर
नागदा/उज्जैन। बिरलाग्राम पुलिस ने करीब 11 साल पुराने अपहरण के मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए वर्ष 2015 में लापता हुई 16 वर्षीय नाबालिग बालिका को राजस्थान के जयपुर से दस्तयाब किया है। बेटी के लंबे समय बाद मिलने की सूचना जैसे ही परिवार तक पहुंची, वर्षों से गम में डूबे माता-पिता के चेहरे पर खुशी लौट आई।

2015 में अचानक लापता हुई थी नाबालिग
पुलिस के अनुसार फरियादी भैरूलाल ने वर्ष 2015 में थाना बिरलाग्राम में अपनी नाबालिग बेटी के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाने की बात सामने आई थी। मामले में थाना बिरलाग्राम पर अपराध क्रमांक 18/2015 के तहत धारा 363, 366 भादवि में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।

पुराने मामले को फिर खंगाला, जयपुर तक पहुंची पुलिस
गुमशुदा एवं अपहृत बालक-बालिकाओं की दस्तयाबी के लिए पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत लंबित मामलों की समीक्षा की गई। उज्जैन पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार शर्मा के निर्देश पर बिरलाग्राम पुलिस ने भी 11 साल पुराने मामले को दोबारा सक्रिय करते हुए बालिका की तलाश तेज की।
पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, साइबर सेल की मदद और मुखबिर तंत्र के जरिए जानकारी जुटाई। लगातार प्रयासों के बाद बालिका के जयपुर, राजस्थान में होने का महत्वपूर्ण सुराग मिला। इसके बाद पुलिस टीम जयपुर पहुंची और 16 वर्षीय बालिका को दस्तयाब कर लिया।

पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में चला अभियान
कार्रवाई पुलिस अधीक्षक उज्जैन प्रदीप कुमार शर्मा के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण करणदीप (भा.पु.से.) एवं नगर पुलिस अधीक्षक नागदा विक्रम अहिरवार (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में की गई। नगर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना प्रभारी बिरलाग्राम उपनिरीक्षक जितेन्द्र पाटीदार ने टीम के साथ बालिका की तलाश को आगे बढ़ाया।
इस कार्रवाई में बिरलाग्राम थाना पुलिस के साथ साइबर सेल उज्जैन की टीम की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। करीब 11 वर्षों से लंबित तलाश का अंत होने के बाद परिवार में राहत और खुशी का माहौल है।

इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका
कार्रवाई में नगर पुलिस अधीक्षक नागदा विक्रम अहिरवार, थाना प्रभारी बिरलाग्राम उपनिरीक्षक जितेन्द्र पाटीदार, साइबर सेल के उपनिरीक्षक प्रतीक यादव, उपनिरीक्षक शांतिलाल मौर्य, प्रधान आरक्षक 294 गणेश पाल, प्रधान आरक्षक 66 प्रद्युम्न सिंह, प्रधान आरक्षक राजपाल सिंह, प्रधान आरक्षक 29 महेश परमाल, प्रधान आरक्षक 1414 अफरोज बी. तथा नसुस नमन जायसवाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

11 साल बाद बेटी मिली तो छलक उठी खुशी
जिस बेटी के लौटने की उम्मीद लगाए परिवार ने वर्षों गुजार दिए, उसकी तलाश आखिरकार जयपुर में पूरी हुई। पुलिस की इस सफलता से परिवार को बड़ी राहत मिली है। लंबे इंतजार के बाद बेटी के सामने आने पर माता-पिता की आंखों में खुशी छलक उठी और घर में एक बार फिर खुशियां लौट आईं।