BIG NEWS: मरियम पहुंची विद्युत दफ्तर … फिर घेरा अचानक आग ने , छोड़ा जिंदगी ने साथ! आखिर क्या हुआ उस वक्त ऐसा ? खड़े किए मौत के पीछे छिपे राज ने बड़े सवाल—पढ़े नरेंद्र राठौर की ये खबर

BIG NEWS: मरियम पहुंची विद्युत दफ्तर … फिर घेरा अचानक आग ने , छोड़ा जिंदगी ने  साथ! आखिर क्या हुआ उस वक्त ऐसा ? खड़े किए मौत के पीछे छिपे राज ने बड़े सवाल—पढ़े नरेंद्र राठौर की ये खबर

पिपलियामंडी। बोतलगंज में बिजली चोरी की कार्रवाई के बाद सामने आई एक घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विद्युत कार्यालय में बातचीत के दौरान अचानक एक महिला के आग की लपटों में घिरने से हड़कंप मच गया। करीब 80 प्रतिशत झुलसी मरियम (40) को गंभीर हालत में इंदौर ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। अब महिला की मौत के बाद घटनाक्रम और भी गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है।

आखिर विद्युत कार्यालय के अंदर ऐसा क्या हुआ था? महिला वहां किस बातचीत के लिए पहुंची थी? उसके पास ज्वलनशील पदार्थ कैसे पहुंचा? आग लगने से ठीक पहले क्या हुआ? इन सवालों के जवाब अब पुलिस जांच में तलाशे जा रहे हैं।

एक कार्रवाई... फिर अचानक बदल गया पूरा घटनाक्रम

बोतलगंज में आशिक गुटी और उसकी पत्नी मरियम स्लेट पेंसिल का कारखाना संचालित करते थे। विद्युत वितरण कंपनी की टीम बिजली चोरी की शिकायत पर कारखाने पहुंची और जांच के बाद प्रकरण बनाने की कार्रवाई की।

इसके बाद मरियम अपने 16 वर्षीय बेटे के साथ विद्युत कार्यालय पहुंची। पति आशिक का आरोप है कि कार्रवाई के दौरान 4 से 5 लाख रुपए के चालान की बात कही गई और बाद में एक लाख रुपए में मामला निपटाने की बात हुई। हालांकि विद्युत कंपनी ने इस आरोप को पूरी तरह गलत बताया है।

परिवार के अनुसार वे 67 हजार रुपए लेकर कार्यालय पहुंचे थे। बातचीत चल ही रही थी कि अचानक मरियम आग की लपटों में बाहर निकली। पति ने आग बुझाने का प्रयास किया और उसका हाथ भी झुलस गया।

67 हजार रुपए लेकर पहुंची थी... लेकिन बाहर आई आग की लपटों में

परिवार के आरोपों के अनुसार मरियम आर्थिक परेशानी के बीच रकम लेकर विद्युत कार्यालय पहुंची थी। इसके बाद कुछ ही देर में पूरा घटनाक्रम बदल गया। गंभीर रूप से झुलसी मरियम को उपचार के लिए ले जाया गया और बाद में इंदौर में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

अब सवाल सिर्फ आग लगने का नहीं, बल्कि उस आग तक पहुंचने वाली परिस्थितियों का है।

पुलिस का दावा—महिला ने खुद लगाई आग

एसडीओपी पिन्टू बघेल के अनुसार विद्युत टीम बिजली चोरी की शिकायत पर पहुंची थी और कार्रवाई के दौरान महिला ने स्वयं ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली। पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और संबंधित लोगों के बयान लिए जा रहे हैं।

कंपनी ने कहा—जुर्माना तय ही नहीं हुआ था

विद्युत वितरण कंपनी के डीई गिरीश शाक्य ने परिवार के आरोपों को गलत बताया। उनका कहना है कि मौके पर पंचनामा बनाया गया था, लेकिन उस समय जुर्माने की राशि तय नहीं हुई थी। कंपनी के अनुसार नियमानुसार प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही थी।

अब सबसे बड़ा सवाल—कार्यालय के अंदर आखिर हुआ क्या था?

मरियम की मौत के बाद मामला केवल बिजली चोरी की कार्रवाई तक सीमित नहीं रह गया है। अब जांच में यह सामने आना जरूरी है कि महिला कार्यालय में किन परिस्थितियों में पहुंची, वहां कौन-कौन मौजूद था, ज्वलनशील पदार्थ उसके पास कैसे आया और आग लगने से पहले तथा बाद में वास्तव में क्या घटनाक्रम हुआ।