BIG NEWS: मंदसौर पुलिस की बड़ी कार्रवाई,सोयाबीन के बोरों में छुपा मिला शराब का खजाना,करी ट्रक से 50 लाख की 350 पेटी अंग्रेजी शराब जब्त,हुई अंतरराज्यीय गिरोह की साजिश बेनकाब,पढ़े खबर 

BIG NEWS: मंदसौर पुलिस की बड़ी कार्रवाई,सोयाबीन के बोरों में छुपा मिला शराब का खजाना,करी ट्रक से 50 लाख की 350 पेटी अंग्रेजी शराब जब्त,हुई अंतरराज्यीय गिरोह की साजिश बेनकाब,पढ़े खबर 

मंदसौर। प्रदेश में चल रहे नशा मुक्ति अभियान के तहत मंदसौर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना नाहरगढ़ पुलिस ने सोयाबीन के बोरों की आड़ में ट्रक के जरिए तस्करी कर ले जाई जा रही करीब 50 लाख रुपये कीमत की 350 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब जब्त की है। पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीणा के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में एक अंतरराज्यीय शराब तस्करी नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस के अनुसार प्रदेश में चल रहे नशा मुक्ति अभियान के तहत एसपी के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक टी.एस. बघेल और एसडीओपी कीर्ति बघेल के निर्देशन में थाना प्रभारी नाहरगढ़ निरीक्षक वरुण तिवारी व उनकी टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।

मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी

13 मार्च को थाना नाहरगढ़ में पदस्थ उपनिरीक्षक कन्हैयालाल यादव को मुखबिर से सूचना मिली कि सोयाबीन के बोरों की आड़ में अवैध शराब से भरा ट्रक क्षेत्र से गुजरने वाला है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने रूपनी-कचनारा रोड पुलिया के पास ग्राम फतेहगढ़ में घेराबंदी की।

मौके पर ट्रक क्रमांक GJ 16 AC 7576 लावारिस हालत में खड़ा मिला। जब पुलिस ने ट्रक की तलाशी ली तो उसमें 350 पेटी अंग्रेजी शराब भरी हुई पाई गई। पुलिस ने तत्काल शराब जब्त कर ट्रक को कब्जे में ले लिया। इस मामले में आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत अपराध दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

जब्त सामग्री

350 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब – अनुमानित कीमत 50 लाख रुपये ट्रक क्रमांक GJ 16 AC 7576 – अनुमानित कीमत 10 लाख रुपये

इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक वरुण तिवारी, उपनिरीक्षक कन्हैयालाल यादव, प्रधान आरक्षक महिपाल सिंह, दिलावर सिंह, आरक्षक महेंद्र सिंह, विक्रम सिंह, राजीव सिंह तथा चालक आरक्षक लियाकत मेव का सराहनीय योगदान रहा। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि शराब कहां से लाई जा रही थी और इसे किस स्थान पर सप्लाई किया जाना था। संभावना जताई जा रही है कि इसके पीछे बड़ा अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह सक्रिय