NEWS: रामपुरा में शांति समिति की बैठक, पर्वों को लेकर प्रशासन अलर्ट, अफवाहों से दूर रहने और भाईचारा बनाए रखने की अपील, पढ़े खबर

NEWS: रामपुरा में शांति समिति की बैठक, पर्वों को लेकर प्रशासन अलर्ट, अफवाहों से दूर रहने और भाईचारा बनाए रखने की अपील, पढ़े खबर

रामपुरा। आगामी धार्मिक एवं सामाजिक पर्वों को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने को लेकर पुलिस थाना रामपुरा परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में आगामी दिनों में होने वाले ईद-ए-मिलादुन्नबी, रक्षाबंधन, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, श्री रामदेव जन्मोत्सव, गणेश जन्मोत्सव, जलझूलनी एकादशी एवं गणपति विसर्जन सहित विभिन्न धार्मिक आयोजनों की व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में कानून-व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, जुलूस एवं चल समारोह के मार्ग, गणेश पंडालों की व्यवस्थाओं तथा विसर्जन कार्यक्रम को लेकर आयोजन समितियों से सुझाव लिए गए। प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों ने सभी समितियों से निर्धारित नियमों का पालन करते हुए पर्वों को शांतिपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की।

सोशल मीडिया की अफवाहों पर भरोसा नहीं करने की अपील

पुलिस प्रशासन ने सभी समुदायों के प्रतिनिधियों से अपील की कि धार्मिक आयोजनों के दौरान संयम, अनुशासन और आपसी भाईचारा बनाए रखें। सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली अफवाहों अथवा भ्रामक सूचनाओं पर बिना पुष्टि के विश्वास नहीं करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की अपील भी की गई।

बैठक में मौजूद शांति समिति के सदस्यों एवं विभिन्न आयोजन समितियों के पदाधिकारियों ने प्रशासन को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि रामपुरा की सामाजिक एकता, आपसी भाईचारे और सौहार्द की परंपरा को कायम रखते हुए सभी पर्व उत्साह और शांतिपूर्ण माहौल में मनाए जाएंगे।

बैठक में डीएसपी मनासा शबेरा अंसारी, तहसीलदार कमलेश डूडवे, सीएमओ नंदलाल प्रजापति, अध्यक्ष प्रतिनिधि जितेंद्र जागीरदार, थाना प्रभारी नीलेश सोलंकी एवं विद्युत विभाग से हरिश्चंद्र जोशी सहित प्रशासन एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

इसके अलावा आदर्श हिंदू सेवा समिति, अंजुमन इस्लाम कमेटी, कृष्ण जन्मोत्सव समिति तथा 10 दिवसीय गणेश उत्सव की विभिन्न समितियों के पदाधिकारी, नगर के गणमान्य नागरिक, समाज प्रमुख एवं पत्रकारगण भी बैठक में उपस्थित रहे।

बैठक का संदेश साफ रहा—पर्व भले अनेक हों, आस्थाएं अलग-अलग हों, लेकिन रामपुरा की एकता, भाईचारा और सामाजिक सौहार्द सबसे ऊपर है।