NEWS : क्षमापना के साथ श्वेतांबर जैन समाज के पर्युषण पर्व का समापन, ग्राम चीताखेड़ा में निकाला भव्य वरघोड़ा, इन्होंने पुष्पवर्षा कर किया स्वागत, पढ़े खबर

क्षमापना के साथ श्वेतांबर जैन समाज के पर्युषण पर्व का समापन

NEWS : क्षमापना के साथ श्वेतांबर जैन समाज के पर्युषण पर्व का समापन, ग्राम चीताखेड़ा में निकाला भव्य वरघोड़ा, इन्होंने पुष्पवर्षा कर किया स्वागत, पढ़े खबर

रिपोर्ट- आजाद मंसूरी 
 
चीताखेड़ा। गुरुवार को संवत्सरी के समापन के अवसर पर प्रातः 11 प्रभु की विशेष आरती की। पुरानी परंपरानुसार धार्मिक माहौल गाजे-बाजे ,ढोल -ढमाकों के साथ भगवान महावीर के अपने मुखोटे को संचित विशेष विमान में विराजमान कर गांव के निर्धारित मार्गो से भव्य वरघोड़ा निकाला। महावीर के जय घोष जयकारा लगाते हुए श्रावक श्राविका चल रहे थे। 

जिनशासन धर्म में आत्मान्नतिक के लिए पर्यूषण पर्व की आराधना की जाती है। इस पर्व के अंतिम दिन मैत्री पर्व मनाया गया है। व्यक्ति किसी भी प्राणी के प्रति वर्ष भर में की गई अविनय, असातना के लिए क्षमा मांगता है। यह पर्व आडम्बर भौतिक प्रदर्शन पर आधारित नहीं है, बल्कि यह आंतरिक भाव परिवर्तन का पर्व है। भव्य वरघोडा में  त्रिशला नंदन भगवान महावीर स्वामी विशेष विमान में विराजित कर गांव के मुख्य मार्ग से जुलुस के साथ दर्शन के लिए निकले  जिनके ठाट को देखने के लिए उमडे जैन अजैन भक्त। वरघोड़ा में सबसे आगे जिन शासन धर्म का प्रतीक ध्वज युवक हाथों में लहराते हुए चल रहे थे।वृहद रूप से भव्य वरघोड़े में जैन अनुयायियों द्वारा जैनम जयति शासनम..., वंदे वीरम... नाकोड़ा भैरव की जय जयघोष के साथ नाचते झूमते चल समारोह में शामिल हुए। 

वरघोड़े में चंद्राप्रभु स्वामी जिनालय ट्रस्ट अध्यक्ष सुनील कुमार सगरावत, सचिव शांतिलाल सगरावत, श्रीमुनि सुव्रत स्वामी जिनालय ट्रस्ट सचिव कारुलाल झातरिया, चंद्रेश झातरिया, अशोक चपलोद, मुकेश बोहरा, रजनीश दक, शिखरचंद चपलोत, राजकुमार चौरड़िया, अजीत कुमार चौरड़िया, राजाबाबू जैन, पूर्व सरपंच सुषमा जैन, कारुलाल चौरड़िया, विमलेश गोदावत, पत्रकार अक्षय बोहरा, दिलीप गोदावत, विजय चौरड़िया, राजेश जैन सहित कई वरिष्ठजन विशेष रूप से साथ थे। 

जगह-जगह जैन श्राविकाओं ने द्वार- द्वार प्रभु के विमान के सामने अक्षत की गऊली बनाकर श्रीफल, फुल-फ्रुट चढ़ाकर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। विमान उठाने वालों की पुण्य लाभ अर्जित करने के लिए  पूरे रास्ते में  होड़ मची रही, महावीर का विमान उठाने का सौभाग्य हर कोई प्राप्त करना चाह रहा था। इस तरह भक्ति की यह भीड़ प्रातः 11 बजे चंद्राप्रभु बडा जिनालय से प्रारंभ होकर नीम चौक श्रीमुनि सुव्रत स्वामी जिनालय होते हुए जैन गली, चांदनी चौक, बस स्टैंड से भ्रमण करते हुए जैन दादावाड़ी पहुंचा जहां पर नवपद पूजा की। तत्पश्चात भव्य वरघोड़ा सदर बाजार होते हुए मुनीसुव्रत स्वामी जिनालय पर पहुंचा। जहां निर्बाध रूप से निर्धारित कार्यक्रम जारी रहा, विशेष आरती के बाद प्रभावना वितरण की गई। जैन श्री संघ के द्वारा कार्यक्रम के अंत में सामूहिक रूप से स्वामीवात्सल्य किया गया।