BIG NEWS: 125 साल पुरानी हवाई पट्टी,नीमच से उड़ान का सपना अभी तक अधूरा! पूर्व विधायक सम्पत स्वरुप जाजू का बड़ा हमला — बोले,जिम्मेदारों की ‘कुंभकर्णी नींद’ से शहर पिछड़ रहा, पढ़े खबर
नीमच। नीमच के पूर्व विधायक सम्पत स्वरुप जाजू ने जिले की हवाई पट्टी के उन्नयन कर उसे एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने और शहर को हवाई सेवाओं से जोड़ने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हवाई सेवाओं के विस्तार को लेकर सरकार कई वर्षों से योजनाएं बना रही है, लेकिन इसके बावजूद नीमच की पुरानी हवाई पट्टी आज भी उपेक्षित बनी हुई है।

डॉ. जाजू ने अपने बयान में कहा कि नीमच पश्चिमी मध्य प्रदेश का अंतिम जिला है और यहां मालवा क्षेत्र की लगभग 125 वर्ष पुरानी हवाई पट्टी मौजूद है। इसके बावजूद जिम्मेदार लोगों की निष्क्रियता और उदासीनता के कारण इसे छोटे एयरपोर्ट के रूप में विकसित नहीं किया जा सका।

उन्होंने बताया कि नीमच क्षेत्र के लोग आज भी हवाई यात्रा के लिए उदयपुर , अहमदाबाद और इंदौर जैसे शहरों पर निर्भर हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इन शहरों से हवाई सेवा का उपयोग करते हैं, जिससे समय और संसाधनों दोनों की अतिरिक्त लागत उठानी पड़ती है।

डॉ. जाजू ने कहा कि केंद्र सरकार ने छोटे शहरों को हवाई सेवाओं से जोड़ने के उद्देश्य से UDAN Scheme शुरू की है, जिसके तहत देश के कई छोटे शहरों में एयरपोर्ट विकसित कर उड़ान सेवाएं शुरू की गई हैं। लेकिन नीमच की हवाई पट्टी को विकसित करने की दिशा में अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई।

उन्होंने उम्मीद जताई कि अब क्षेत्र के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और अधिकारी कुंभकर्णी निद्रा से जागेंगे और केंद्र व प्रदेश सरकार की हवाई सेवा विस्तार योजनाओं का लाभ नीमच को दिलाने के लिए ठोस प्रयास करेंगे। डॉ. जाजू ने कहा कि यदि नीमच की हवाई पट्टी को विकसित कर एयरपोर्ट बनाया जाता है तो इससे क्षेत्र के व्यापार, पर्यटन और उद्योग को भी बड़ा लाभ मिलेगा।
