BIG NEWS: पहले आत्महत्या ने छोड़ा सवाल, फिर एक-एक कर जुड़ती गई कड़ियां… आखिर बुजुर्ग दंपती तक कौन और क्यों पहुंचा था? जांच में सामने आई ये सच्चाई जाने ओर पढ़े नरेंद्र राठौर की खबर

BIG NEWS: पहले आत्महत्या ने छोड़ा सवाल, फिर एक-एक कर जुड़ती गई कड़ियां… आखिर बुजुर्ग दंपती तक कौन और क्यों पहुंचा था? जांच में सामने आई ये सच्चाई जाने ओर पढ़े नरेंद्र राठौर की खबर

मंदसौर। गरोठ थाना क्षेत्र के ग्राम चांदबर्डा में बुजुर्ग दंपती की हत्या का मामला शुरुआत में पुलिस के लिए एक ऐसी पहेली बना हुआ था, जिसमें कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग रहा था। लेकिन अचानक हुई एक आरोपी की आत्महत्या ने इस पूरी कहानी को नया मोड़ दे दिया। फांसी के फंदे पर मिले आरोपी के सुसाइड नोट ने जांच की दिशा बदल दी और पुलिस उन कड़ियों तक पहुंचती चली गई, जिनका सिरा सीधे दोहरे हत्याकांड से जुड़ा था।

सुसाइड नोट में हत्या और लूट का जिक्र मिलने के बाद पुलिस ने जब बारीकी से जांच शुरू की तो सामने आया कि चांदबर्डा की खेत पर बनी झोपड़ी में रहने वाले बुजुर्ग दंपती को पहले से निशाना बनाया जा चुका था। उन्हें लेकर आरोपियों को ऐसी जानकारी मिली थी, जिसने पूरी वारदात की नींव रख दी।

एक रिश्ते से शुरू हुई कहानी, पहुंची हत्या की साजिश तक

जांच में सामने आया कि संतोषबाई उर्फ संता के कान्हा उर्फ करण से प्रेम संबंध थे। इसी दौरान करण ने अपने दोस्तों पवन और राजेश के साथ मिलकर पैसों के लिए लूट की योजना बनाई। पुलिस के अनुसार संतोषबाई ने आरोपियों को बताया था कि देवीलाल और उनकी पत्नी भुलीबाई खेत की झोपड़ी में अकेले रहते हैं और भुलीबाई के पैरों में चांदी के भारी आमले हैं।

इसके बाद आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई।

24-25 अगस्त की रात आखिर झोपड़ी में क्या हुआ?

रात के अंधेरे में आरोपी चांदबर्डा स्थित झोपड़ी तक पहुंचे। सो रहे बुजुर्ग दंपती पर भारी पत्थरों से हमला किया गया। हमले में देवीलाल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल भुलीबाई ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।

इसके बाद आरोपी भुलीबाई के पैरों में पहने करीब 50 हजार रुपये कीमत के चांदी के आमले लेकर फरार हो गए।

सुसाइड नोट ने खोला राज, तीन आरोपी पुलिस गिरफ्त में

मामले की जांच के दौरान राजेश की आत्महत्या और उसके सुसाइड नोट से पुलिस को अहम सुराग मिले। इन्हीं सुरागों के आधार पर पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया और कान्हा उर्फ करण, पवन तथा संतोषबाई को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपियों की निशानदेही पर लूटे गए चांदी के जेवरात, वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन, खून से सने कपड़े सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए गए हैं।

एक आत्महत्या… एक सुसाइड नोट… और फिर खुलती गई हत्या की पूरी कहानी। पुलिस की जांच ने आखिर उस राज से पर्दा उठा दिया, जो चांदबर्डा के दोहरे हत्याकांड के पीछे छिपा था।