BIG NEWS: देवनारायण मंदिर के पुजारी पर ग्रामीणों के गंभीर आरोप, कलेक्टर से शिकायत, भय दिखाकर रुपए लेने और धमकाने का लगाया आरोप, पढ़े खबर

BIG NEWS: देवनारायण मंदिर के पुजारी पर ग्रामीणों के गंभीर आरोप, कलेक्टर से शिकायत, भय दिखाकर रुपए लेने और धमकाने का लगाया आरोप, पढ़े खबर

नीमच/जीरन। ग्राम मालिया स्थित भगवान देवनारायण मंदिर के पुजारी को लेकर ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की है। शिकायत में पुजारी पर श्रद्धालुओं को भयभीत कर कथित रूप से राशि लेने, ग्रामीणों के विरोध करने पर विवाद एवं धमकी देने सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत में ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर में वर्तमान में मोहनलाल पिता लाभचंद मेघवाल निवासी मालिया पूजा-अर्चना एवं सेवा कार्य करते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कुछ समय से मंदिर में कथित रूप से ऐसी गतिविधियां की जा रही हैं, जिनसे लोगों में भय और भ्रम की स्थिति बन रही है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार ‘भाव’ एवं ‘चौकी’ के नाम पर मंदिर आने वाले लोगों से राशि ली जाती है।

ग्रामीणों का कहना है कि जब कुछ लोगों ने इन गतिविधियों को लेकर पुजारी से आपत्ति जताई और समझाइश देने का प्रयास किया तो कथित रूप से उनके साथ अभद्रता और गाली-गलौच की गई। शिकायत में पुजारी द्वारा कथित रूप से धमकियां दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है।

शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि पुजारी द्वारा अपनी कथित ‘मैली विद्या’ का भय दिखाकर ग्रामीणों को डराया गया तथा विरोध करने वालों को झूठे प्रकरणों में फंसाने की धमकी दी गई। इसके अलावा मंदिर में आने वाले बाहरी श्रद्धालुओं से कथित रूप से मनमानी राशि लेने के आरोप भी शिकायत में लगाए गए हैं।

ग्रामीणों ने महिलाओं से संबंधित भी गंभीर आरोप लगाए हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि कथित गतिविधियों के चलते गांव में भय का वातावरण बना हुआ है।

कलेक्टर से जांच और कार्रवाई की मांग

समस्त ग्रामवासियों की ओर से प्रस्तुत शिकायत में मांग की गई है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। शिकायत में पुजारी के विरुद्ध यदि आरोप प्रमाणित पाए जाएं तो नियमानुसार आपराधिक कार्रवाई करने, उसे पुजारी पद से हटाने तथा ग्रामीणों को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।