BIG NEWS : जूट की बोरी, गोबर और फूलों के रस से बनाई पीएम मोदी और हीराबेन की अनोखी पेंटिंग, कुचड़ोद के कलाकार राहुल लोहार की कला की हर तरफ चर्चा, पढ़े खबर
नीमच। जिले के छोटे से गांव कुचड़ोद के एक कलाकार ने अपनी अनोखी चित्रकारी से अलग पहचान बना ली है। युवा चित्रकार राहुल देव लोहार ने आधुनिकता की चकाचौंध से दूर रहते हुए पूरी तरह देसी अंदाज में नरेंद्र मोदी और उनकी माताजी हीराबन मोदी की एक शानदार पेंटिंग तैयार की है।

इस पेंटिंग की सबसे खास बात यह है कि इसे बनाने में किसी महंगे कैनवास या केमिकल वाले रंगों का उपयोग नहीं किया गया। राहुल ने जूट की बोरी, गाय के गोबर और फूलों के रस जैसी प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल कर यह अनोखी कलाकृति बनाई है।

टाट की बोरी पर गोबर और मेथी का लेप
राहुल ने अपनी इस कलाकृति के लिए आधार के रूप में जूट की बोरी यानी टाट के टुकड़े को चुना। ग्रामीण जीवन में इस्तेमाल होने वाली इस बोरी को पहले अच्छी तरह साफ किया गया और फिर उस पर गाय के गोबर और मेथी दाने का गाढ़ा लेप लगाया गया।
जब यह लेप सूख गया तो एक मजबूत और प्राकृतिक कैनवास तैयार हो गया। आमतौर पर कलाकार ऐसे खुरदरे आधार पर बारीकी से काम करने से बचते हैं, लेकिन राहुल ने इसे ही अपनी कला की विशेषता बना दिया।

फूल-पत्तियों के रंगों से भरी तस्वीर में जान
पेंटिंग में दिखाई देने वाले रंग भी पूरी तरह प्राकृतिक हैं। राहुल ने अलग-अलग फूलों की पंखुड़ियों को पीसकर और पेड़ों की हरी पत्तियों के रस से रंग तैयार किए।
इन प्राकृतिक रंगों से जब उन्होंने पीएम मोदी और उनकी मां की तस्वीर उकेरी तो उसमें अलग ही जीवंतता दिखाई देने लगी। उन्होंने ब्रश की जगह भी प्राकृतिक साधनों का उपयोग किया, जिससे तस्वीर में सादगी और ममता का भाव उभरकर सामने आया।

मिट्टी की खुशबू और स्वदेशी का संदेश
इस पेंटिंग के माध्यम से राहुल ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि कला केवल महंगे संसाधनों की मोहताज नहीं होती। प्रधानमंत्री के स्वदेशी और “लोकल फॉर वोकल” के विचार से प्रेरित होकर उन्होंने पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल तरीके से यह पेंटिंग बनाई है।

वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर कलाकार की नई उपलब्धि
राहुल देव लोहार पहले भी अपनी अनूठी चित्रकारी के कारण चर्चा में रह चुके हैं। कोरोना काल के दौरान भी उन्होंने अपनी पेंटिंग्स के जरिए वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया था।
संसाधनों की कमी के बावजूद कुचड़ोद जैसे छोटे गांव से निकलकर इस तरह का अनोखा प्रयोग करना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। फिलहाल जूट और गोबर से बनी इस अनोखी पेंटिंग को देखने के लिए लोग राहुल के पास पहुंच रहे हैं और उनकी कला की जमकर सराहना कर रहे हैं।