NEWS: नीमच में धर्म का महासंगम, 24 अप्रैल को होगा आदिनाथ जिनालय का दिव्य प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव, 19 को गुरुदेव का भव्य नगर प्रवेश, पढ़े खबर
नीमच (न.प्र.)। शहर में आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिलने जा रहा है। श्री आदिनाथ जिनालय एवं जिन कुशल सूरी खरतरगच्छ ट्रस्ट, नीमच के तत्वावधान में स्पेंटा पेट्रोल पंप के समीप नवनिर्मित भव्य आदिनाथ जिनालय मंदिर में 17 से 25 अप्रैल तक विराट प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।

महोत्सव का शुभारंभ शुक्रवार को विधि-विधानपूर्वक कुंभ दीपक एवं ज्वारा रोपण स्थापना के साथ हुआ, जिसमें धार्मिक परंपराओं के अनुरूप पूजन-अनुष्ठान संपन्न हुए। पूरे परिसर में भक्ति और उत्साह का माहौल है, वहीं समाजजनों द्वारा आयोजन को भव्य बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं।

इस पावन अवसर पर परम पूज्य गच्छाधिपति आचार्य भगवंत जिन मणि प्रभ सूरीश्वरजी महाराज साहब के सानिध्य में लगभग 20-25 साधु-साध्वी भगवंतों का नीमच आगमन होगा। विशेष रूप से 19 अप्रैल को गुरुदेव के सानिध्य में नवीन प्रतिमाओं का भव्य नगर प्रवेश आकर्षण का केंद्र रहेगा।

महोत्सव का मुख्य आकर्षण 24 अप्रैल को आयोजित होने वाला प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव रहेगा, जिसमें मूलनायक भगवान आदिनाथ सहित शंखेश्वर पार्श्वनाथ, नाकोड़ा पार्श्वनाथ, महावीर स्वामी, गौतम स्वामी, पद्मावती माता, चक्रेश्वरी माता, नाकोड़ा भैरव सहित अनेक देव-प्रतिमाओं की विधिवत स्थापना की जाएगी। साथ ही दादावाड़ी में चारों दादा गुरुदेव की प्रतिमाएं भी विराजित होंगी।
नवनिर्मित जिनालय परिसर में सभा मंडप, गुरु मंदिर, आराधना भवन, प्रवचन कक्ष और कार्यालय का आधुनिक निर्माण किया गया है, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।

महोत्सव के प्रमुख कार्यक्रम (17–25 अप्रैल)
18 अप्रैल – स्त्रात्र पूजा, भैरव पूजा, क्षेत्रपाल पूजन, 64 योगिनी पूजन, पंच परमेश्वर पूजा
19 अप्रैल – गुरुदेव के सानिध्य में भव्य नगर प्रवेश
20 अप्रैल – वर्षीतप तपस्वियों का वरघोडा
21 अप्रैल – च्यवन कल्याणक विधान
22 अप्रैल – जन्म कल्याणक विधान, 56 दिक्कुमारी महोत्सव, आदिनाथ वंदना
23 अप्रैल – दीक्षा कल्याणक वरघोडा, वार्षिक ध्वजा
24 अप्रैल – मुख्य प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव
25 अप्रैल – द्वार उद्घाटन एवं समापन
अपील: ट्रस्ट मंडल ने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म लाभ लें और इस ऐतिहासिक महोत्सव के साक्षी बनें।