BIG NEWS: जीरन तालाब के विकास कार्य को नुकसान पहुंचाने पर फूटा जनाक्रोश, BJP दक्षिण मंडल अध्यक्ष मदन गुर्जर और नपा उपाध्यक्ष मुकेश राव तावरे ने संभाला मोर्चा! किसानों के साथ पहुंचे विधायक दिलीप सिंह परिहार के पास, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की उठी मांग, पढ़ें खबर

BIG NEWS: जीरन तालाब के विकास कार्य को नुकसान पहुंचाने पर फूटा जनाक्रोश, BJP दक्षिण मंडल अध्यक्ष मदन गुर्जर और नपा उपाध्यक्ष मुकेश राव तावरे ने संभाला मोर्चा! किसानों के साथ पहुंचे विधायक दिलीप सिंह परिहार के पास, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की उठी मांग, पढ़ें खबर

जीरन (नीमच)। जीरन नगर की ऐतिहासिक और जीवनदायिनी रियासतकालीन तालाब पर अब संकट के बादल मंडराने लगे हैं। तालाब के डूब क्षेत्र में अवैध खेती करने वाले कुछ रसूखदार लोगों पर आरोप है कि उन्होंने अपने स्वार्थ के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा चल रहे वेस्ट वीयर (चादर) निर्माण कार्य को रात के अंधेरे में तहस-नहस कर दिया। इस घटना से पूरे नगर में आक्रोश फैल गया है और लोगों ने इसे सार्वजनिक संपत्ति तथा विकास कार्य पर सीधा हमला बताया है।

जानकारी के अनुसार जल संसाधन विभाग द्वारा तालाब की वेस्ट वीयर की मरम्मत और उसकी ऊंचाई बढ़ाने का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा था। निर्माण एजेंसी ने आरसीसी कार्य के लिए सरियों का मजबूत जाल बिछाकर सेंटिंग तैयार कर दी थी, लेकिन आधी रात को अज्ञात लोगों ने मौके पर पहुंचकर पूरी सेंटिंग और सरियों का जाल उखाड़कर फेंक दिया। सुबह जब निर्माण कार्य बाधित मिला तो नगरवासियों और किसानों में भारी रोष फैल गया।

घटना के विरोध में भाजपा दक्षिण मंडल अध्यक्ष मदन गुर्जर और नगर पालिका उपाध्यक्ष मुकेश राव तावरे के नेतृत्व में किसानों एवं नागरिकों का प्रतिनिधिमंडल नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार से मिला। विधायक ने मामले को गंभीर बताते हुए जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री आर.सी. भाभर से तत्काल चर्चा की और स्पष्ट निर्देश दिए कि जीरन तालाब नगर की पेयजल एवं सिंचाई व्यवस्था की जीवनरेखा है। इसके विकास कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि कार्य के लिए बजट की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। कार्यपालन यंत्री आर.सी. भाभर ने भरोसा दिलाया कि पुलिस और प्रशासन के सहयोग से निर्माण कार्य दोबारा शुरू कर जल्द पूरा किया जाएगा।

45 साल बाद पुराने स्वरूप में लौटेगा तालाब

विशेषज्ञों के अनुसार जीरन तालाब का मूल फुल टैंक लेवल (FTL) 1555 फीट था, जिसे लगभग 40-45 वर्ष पहले कुछ तकनीकी कारणों से एक फीट घटाकर 1554 फीट कर दिया गया था। अब तालाब की सुरक्षा दीवार मजबूत होने और डूब क्षेत्र की परिस्थितियां बदलने के बाद इसे फिर से 1555 फीट तक भरने की योजना बनाई गई है।

अब सिर्फ सिंचाई नहीं, नगर की प्यास भी बुझाता है तालाब

जीरन तालाब अब केवल किसानों की सिंचाई का साधन नहीं बल्कि नगर की पेयजल योजना का प्रमुख स्रोत भी बन चुका है। तालाब किनारे आधुनिक फिल्टर प्लांट स्थापित है, जिससे पूरे नगर को पेयजल उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में तालाब की क्षमता बढ़ाना बेहद आवश्यक माना जा रहा है।

कड़ी कार्रवाई की मांग

प्रतिनिधिमंडल में नहर समिति अध्यक्ष शांतिलाल तूफान, पार्षद प्रतिनिधि बबलू भीलावत, भाजपा नेता कुंदन शर्मा, अभय पोरवाल, प्रभूलाल माली, हस्तीमल भरानिया सहित बड़ी संख्या में किसान और नागरिक मौजूद रहे। सभी ने जिला प्रशासन से मांग की कि शासकीय कार्य में बाधा डालने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।