NEWS: विश्व भौतिक चिकित्सा दिवस पर ​नीमच जिला अस्पताल में 8 सितंबर को बड़ा आयोजन, कमर, घुटनों के दर्द और लकवा पीड़ितों के लिए लगेगा निःशुल्क परामर्श शिविर, ​बिना ऑपरेशन के कमर और जोड़ों के दर्द से छुटकारा पाने की मिलेगी सलाह,पढ़े खबर

विश्व भौतिक चिकित्सा दिवस पर ​नीमच जिला अस्पताल में 8 सितंबर को बड़ा आयोजन, कमर, घुटनों के दर्द और लकवा पीड़ितों के लिए लगेगा निःशुल्क परामर्श शिविर, ​बिना ऑपरेशन के कमर और जोड़ों के दर्द से छुटकारा पाने की मिलेगी सलाह

NEWS: विश्व भौतिक चिकित्सा दिवस पर ​नीमच जिला अस्पताल में 8 सितंबर को बड़ा आयोजन, कमर, घुटनों के दर्द और लकवा पीड़ितों के लिए लगेगा निःशुल्क परामर्श शिविर, ​बिना ऑपरेशन के कमर और जोड़ों के दर्द से छुटकारा पाने की मिलेगी सलाह,पढ़े खबर

नीमच। कमर का झुकना, घुटनों का दर्द, चलने-फिरने में परेशानी या लगातार बढ़ती शारीरिक शिथिलता-क्या उम्र बढ़ने के साथ इन समस्याओं को स्वीकार कर लेना ही एकमात्र रास्ता है? स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इसका सही समाधान नियमित व्यायाम, सक्रिय दिनचर्या और समय पर उचित भौतिक चिकित्सा (फिजियोथेरेपी) है।

विश्व भौतिक चिकित्सा दिवस के अवसर पर 8 सितंबर को जिला चिकित्सालय नीमच में निःशुल्क परामर्श एवं जांच शिविर का आयोजन किया जा रहा है। राष्ट्रीय वृद्धजन स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित भौतिक चिकित्सा इकाई में यह शिविर सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक चलेगा।

​इन समस्याओं की होगी निःशुल्क जांच और परामर्श-

शिविर में वरिष्ठ नागरिकों के साथ-साथ रीढ़ की हड्डी के दर्द, गर्दन दर्द, जोड़ों के विकार, रीढ़ की गद्दी खिसकना (स्लिप डिस्क), पक्षाघात (लकवा), खेल-कूद के दौरान लगी चोटों और मांसपेशियों व हड्डियों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं से ग्रस्त रोगियों को निःशुल्क परामर्श व शारीरिक परीक्षण की सुविधा मिलेगी।

​बिना शल्यक्रिया भी संभव है राहत-

भौतिक चिकित्सा केवल चोट या शल्यक्रिया (ऑपरेशन) के बाद की प्रक्रिया नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सुधार और पुनर्वास की एक वैज्ञानिक पद्धति है। इसका उद्देश्य दर्द घटाकर व्यक्ति की शारीरिक क्षमता, गतिशीलता, संतुलन और दैनिक कार्यक्षमता को पुनः स्थापित करना है। कई जटिल मामलों में सही व्यायाम और जीवनशैली में बदलाव से बिना शल्यक्रिया के भी स्थायी लाभ पाया जा सकता है।

​हृदय स्वास्थ्य और संतुलन सुधार पर विशेष जोर-

शिविर के दौरान बुजुर्गों को असंतुलन के कारण गिरने से बचाव, मांसपेशियों की मजबूती और घरेलू कसरतों के तरीके सिखाए जाएंगे। साथ ही यह भी जागरूक किया जाएगा कि नियमित शारीरिक श्रम किस प्रकार हृदय को स्वस्थ रखने और पक्षाघात के खतरे को कम करने में सहायक सिद्ध होता है।

​लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहना और गलत शारीरिक मुद्रा (उठने-बैठने का गलत तरीका) कम उम्र में ही कमर दर्द व मोटापे जैसी व्याधियां बढ़ा रहा है। विशेषज्ञों ने आह्वान किया है कि शरीर के किसी भी हिस्से में लंबे समय तक बने रहने वाले दर्द को नजरअंदाज न करें और समय पर चिकित्सीय सलाह लें।

​मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश प्रसाद, सिविल शल्यचिकित्सक डॉ. महेंद्र पाटिल, आवासीय चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनीष यादव तथा भौतिक चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. मेघा कारवना व डॉ. हुसैन बेगुवाला ने नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस निःशुल्क शिविर का लाभ उठाने की अपील की है।