NEWS: मनासा में गूंजा हनुमान भक्ति का जयघोष, 102वें पाठ में उमड़ा सनातन आस्था का सैलाब, पढ़े खबर
मनासा। मंदिरों की पावन नगरी मनासा में धर्म, अध्यात्म और संस्कार की धारा को आगे बढ़ाते हुए श्रीहनुमान चालीसा पाठ एवं सत्संग का 102वां आयोजन पुलिस थाना परिसर स्थित श्रीबालवीर हनुमान मंदिर पर श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में संपन्न हुआ। पुलिस प्रशासन की मेजबानी में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सनातन परिवारों ने भाग लेकर आयोजन को यादगार बना दिया।

अंतरराष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय के युवा विद्वान, रामराष्ट्र आराधक एवं साहित्याचार्य संत श्री चेतनराम (उदयपुर) की प्रेरणा से नगरवासियों के सहयोग से यह आयोजन प्रत्येक मंगलवार किया जा रहा है। सामाजिक समरसता, पारिवारिक एकता, संस्कार और धर्म आचरण के उद्देश्य से शुरू हुआ यह क्रम अब मनासा के धार्मिक आयोजनों की एक महत्वपूर्ण पहचान बनता जा रहा है।

पुलिस प्रशासन ने दीप प्रज्वलित कर किया शुभारंभ
श्रीबालवीर हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित पाठ एवं सत्संग का शुभारंभ पुलिस बल द्वारा श्रीहनुमानजी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद भक्ति गीतों और हनुमान चालीसा के पाठ से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
कार्यक्रम में एक के बाद एक भजनों की प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को देर तक बांधे रखा। राजकुमार मारू ने ‘सुनो रे राम कहानी’ भजन के माध्यम से रामकथा का गुणगान किया। वहीं सत्यनारायण सोनी ने ‘जो खेल गए प्राणों पर श्रीराम के लिए’ भजन प्रस्तुत कर श्रीहनुमानजी की भक्ति का भाव जगाया।
अरुण झंवर ने ‘दुनिया में देव हजारों हैं, बजरंग बली का क्या कहना’ भजन से हनुमान महिमा का बखान किया। इसके बाद केशव उपाध्याय ने ‘घुमा दे म्हारा बालाजी घम्मर-घम्मर घोटो’ की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भक्ति में झूमने पर मजबूर कर दिया।

भजनों पर झूमे श्रद्धालु, गूंजता रहा बालाजी का जयकारा
भजन संध्या में विजय उपाध्याय ने ‘तेरा है, बस तेरा है, मुझको भरोसा तेरा है’ के माध्यम से बालाजी महाराज के प्रति भक्तों की आस्था को स्वर दिया। वहीं गोपाल राठौर ने ‘मन की बांता आज सुणाकर देख ले’ भजन से हनुमानजी पर विश्वास का भाव प्रस्तुत किया।
ओम सोनी ने ‘रामभक्त ले चला रामजी की निशानी’ भजन के माध्यम से श्रीहनुमानजी के लंका प्रयाण का प्रसंग जीवंत कर दिया। इसके अलावा हरिश ग्रोवर, कमल विजयवर्गीय सहित अन्य कलाकारों ने भी भजनों की प्रस्तुतियां दीं। भजनों के दौरान श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए और मंदिर परिसर जयकारों से गूंजता रहा।

धर्म के साथ सामाजिक समरसता का संदेश
आयोजन से जुड़े लोगों ने बताया कि प्रत्येक मंगलवार होने वाला यह धार्मिक क्रम केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है। इसके पीछे सामाजिक समरसता, पारिवारिक एकता, संस्कार और धार्मिक आचरण को मजबूत करने का उद्देश्य भी है। लगातार आयोजित हो रहे पाठ में नगर के अलग-अलग परिवारों की सहभागिता बढ़ रही है।

8 सितंबर को होगा 103वां पाठ
सत्संग के समापन अवसर पर सनातन सत्संग मंडल ने आयोजन में सहयोग देने वाले पुलिस प्रशासन और सभी सनातन परिवारों के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही आगामी मंगलवार, 8 सितंबर को रात्रि 8:30 बजे श्रीरामानुज कोट मंदिर में होने वाले 103वें श्रीहनुमान चालीसा पाठ एवं सत्संग में नगरवासियों से सपरिवार अधिकतम संख्या में शामिल होने का आग्रह किया गया।
मनासा में 102वें पाठ के साथ एक बार फिर यह संदेश सामने आया कि जब आस्था के साथ समाज एकजुट होता है तो धार्मिक आयोजन संस्कार, एकता और सामाजिक समरसता का मजबूत माध्यम बन जाते हैं।