BREAKING NEWS: नीमच में न्याय पर उठे बड़े सवाल, अपर कलेक्टर को रिश्वत देकर निरस्त कराया आदेश, फिर खंभे गाड़कर बंद कर दिया किसानों का एकमात्र रास्ता, 60 किसानों का प्रशासन पर भ्रष्टाचार का आरोप, जनसुनवाई में गूंजा मामला, पढ़े खबर
नीमच जिले के ग्राम सरवानियाबोर और लोलपुरा के करीब 50-60 किसानों ने जनसुनवाई में पहुंचकर प्रशासन के खिलाफ गंभीर शिकायत दर्ज कराई है। किसानों का आरोप है कि उनके खेतों तक पहुंचने वाला एकमात्र रूढ़िगत एवं कदीमी रास्ता विपक्षी पक्ष द्वारा खंभे गाड़कर और वायर फेंसिंग कर बंद कर दिया गया है। इतना ही नहीं, किसानों ने अपर कलेक्टर और उनके रीडर पर रिश्वत लेकर तहसीलदार द्वारा पारित अंतरिम आदेश निरस्त करवाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं।

शिकायतकर्ताओं के अनुसार ग्राम सरवानियाबोर एवं लोलपुरा की कई कृषि भूमियों तक पहुंचने के लिए वर्षों पुराना रास्ता सर्वे नंबर 691/1 की मेड से होकर गुजरता है, जिसका उपयोग दशकों से किसान करते आ रहे हैं। किसानों का कहना है कि इस रास्ते के अलावा उनकी भूमि तक पहुंचने का कोई दूसरा वैकल्पिक मार्ग नहीं है।

किसानों ने बताया कि विपक्षी राधेश्याम नागदा, बालमुकुंद नागदा, मांगीबाई नागदा एवं कन्हैयालाल नागदा ने पहले भी उक्त रास्ते को जोतकर एवं फाड़कर बंद कर दिया था। इस संबंध में पूर्व में जनसुनवाई में शिकायत क्रमांक 1942 दिनांक 10 जून 2025 को दर्ज करवाई गई थी। इसके बाद तहसीलदार एवं पटवारी द्वारा मौके का निरीक्षण कर पंचनामा एवं नक्शा तैयार किया गया, जिसमें रास्ते को 50 वर्ष से अधिक पुराना बताया गया।

तहसीलदार नीमच ग्रामीण ने प्रकरण क्रमांक 13/अ-13/2025-26 में सुनवाई करते हुए 27 फरवरी 2026 को अंतरिम आदेश जारी किया था कि विवादित रास्ता चालू रखा जाए और उसमें कोई अवरोध न किया जाए। लेकिन विपक्षी पक्ष ने अपर कलेक्टर न्यायालय में निगरानी याचिका प्रस्तुत की, जिस पर 6 मई 2026 को तहसीलदार का आदेश निरस्त कर दिया गया।

किसानों का आरोप है कि आदेश निरस्त होने के अगले ही दिन 7 मई को विपक्षी पक्ष ने रास्ते पर खंभे गाड़कर वायर फेंसिंग कर दी और ट्रैक्टर से रास्ता खराब करवा दिया। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि जब ग्रामीणों ने विरोध किया तो विपक्षी राधेश्याम नागदा ने कथित रूप से कहा कि उसने “अपर कलेक्टर को रिश्वत देकर आदेश निरस्त करवाया है।”

इस पूरे मामले को किसानों ने न्यायिक अनियमितता एवं भ्रष्टाचार से जुड़ा बताते हुए कलेक्टर से अपर कलेक्टर और उनके रीडर के खिलाफ विभागीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही किसानों ने रास्ते से खंभे हटवाकर पूर्ववत रास्ता बहाल करने और दोषियों पर दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग भी उठाई है।

शिकायतकर्ताओं में घनश्यामदास बैरागी, विनोद नागदा, ओमप्रकाश ब्राह्मण, ब्रदीलाल ब्राह्मण, रूपलाल ब्राह्मण एवं कैलाश ब्राह्मण सहित अन्य ग्रामीण शामिल हैं।