BREAKING NEWS: नीमच मेडिकल कॉलेज को PPP मोड पर देने की तैयारी से गरमाया माहौल, विरोध में उतरा मजदूर-किसान मोर्चा, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, पढ़े खबर
नीमच, 18 सितंबर। नीमच मेडिकल कॉलेज को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मोड पर दिए जाने के प्रस्ताव के विरोध में संयुक्त मजदूर किसान मोर्चा ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री के नाम डिप्टी कलेक्टर चंद्र सिंह धारवे को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन का वाचन गुणवंत राठौर ने किया।
संयुक्त मजदूर किसान मोर्चा के संयोजक एवं सीटू के प्रदेश सचिव नरसिंह ठाकुर ने जारी प्रेस नोट में बताया कि विभिन्न समाचार पत्रों के माध्यम से जानकारी सामने आई है कि प्रदेश के 9 मेडिकल कॉलेजों को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मोड पर दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश सरकार के इस निर्णय में नीमच मेडिकल कॉलेज भी शामिल है।
ज्ञापन में कहा गया कि नीमच में मेडिकल कॉलेज स्थापित कराने के लिए क्षेत्र की जनता ने लंबे समय तक संघर्ष और आंदोलन किया था। इसके परिणामस्वरूप नीमच को मेडिकल कॉलेज की सौगात मिली। ऐसे में मेडिकल कॉलेज को PPP मोड पर दिया जाना नीमच की जनता को स्वीकार नहीं है।
मोर्चे ने मध्यप्रदेश सरकार के निर्णय का विरोध करते हुए मांग की कि नीमच सहित प्रदेश के जिन मेडिकल कॉलेजों को PPP मोड पर दिए जाने की प्रक्रिया में शामिल किया गया है, उस निर्णय को वापस लिया जाए। ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि निर्णय वापस नहीं लिया गया तो नीमच के मजदूर, किसान, आम नागरिक, छात्र और नौजवान सरकार के निर्णय के खिलाफ आंदोलन करेंगे। इसकी समस्त जिम्मेदारी मध्यप्रदेश शासन की होगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान भारत की जनवादी नौजवान सभा के नितेश यादव, देवेंद्र सेन, अर्जित यादव, वसीम मंसूरी, सेंट्रल ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) के सुनील शर्मा, मुकेश नागदा, लोकेंद्र जाटव, किसान संगठन के निर्भय राम, भंवर सिंह, गोविंद राम नागदा, मनोहर लाल कच्छावा, उद्यमी राम बंजारा सहित अन्य उपस्थित रहे।