BIG NEWS: एक हादसा... एक मौत... और फिर सड़क पर रखा शव। रामपुरा में ऐसा क्या हुआ कि देखते ही देखते नीमच-झालावाड़ मार्ग पर चक्काजाम करना पड़ा?, जाने पूरा मामला पढ़े रुपेश सारु की ये खबर

BIG NEWS: एक हादसा... एक मौत... और फिर सड़क पर रखा शव। रामपुरा में ऐसा क्या हुआ कि देखते ही देखते नीमच-झालावाड़ मार्ग पर चक्काजाम करना पड़ा?, जाने पूरा मामला पढ़े रुपेश सारु की ये खबर

रामपुरा। विद्युत विभाग के सुधार कार्य के दौरान हुए हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। पोल पर काम करने के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए आउटसोर्स कर्मचारी मनीष आर्य ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। लेकिन उनकी मौत के बाद हालात उस वक्त अचानक तनावपूर्ण हो गए, जब मंगलवार को शव रामपुरा पहुंचा।

शव के पहुंचते ही परिजनों और समाजजनों का गुस्सा फूट पड़ा। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग सड़क पर जमा हो गए और नीमच-झालावाड़ मार्ग पर कॉलेज गेट के सामने शव रखकर चक्काजाम कर दिया गया। अचानक हुए प्रदर्शन से मार्ग पर यातायात व्यवस्था चरमरा गई और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

मौत के बाद उठे सवाल, किसकी लापरवाही ने छीनी जान?

प्रदर्शन कर रहे परिजनों ने हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि कार्य के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लापरवाही हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

परिजनों ने प्रशासन के सामने जिम्मेदार अधिकारियों पर FIR दर्ज करने, परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने और मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मांग रखी है।

परिजनों का कहना है कि मनीष के पीछे पत्नी और तीन बच्चों का परिवार है। ऐसे में कमाने वाले सदस्य की मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। बच्चों के भविष्य को देखते हुए सरकार से तत्काल राहत और रोजगार की मांग की जा रही है।

चक्काजाम की खबर मिलते ही प्रशासन में मची हलचल

स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसडीएम किरण, एसडीओपी निकिता सिंह, तहसीलदार कमलेश डूडवे और थाना प्रभारी नीलेश सोलंकी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।

अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे परिजनों और समाजजनों से बातचीत शुरू की। प्रशासन की ओर से मांगों को लेकर क्या आश्वासन दिया जाता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

अब बड़ा सवाल—क्या आश्वासन के बाद हटेगा चक्काजाम?

फिलहाल नीमच-झालावाड़ मार्ग पर प्रदर्शन  प्रशासनिक अधिकारी स्थिति को संभालने में जुटे रहे परिजनों की मांगें मानी जाती हैं बाद मोके पर विधायक और अधिकारियों की समझाइश तथा परिवार को दिए गए आश्वासन के बाद फिलहाल चक्काजाम समाप्त हो गया है। अब देखना होगा कि परिवार की मांगों पर प्रशासन आगे क्या ठोस कदम उठाता है।