BREAKING NEWS : तीसरी-चौथी रेल पटरी के नए सर्वे रूट पर नागदा में उबाल, राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन, पढ़े खबर

किसानों से लेकर ईंट भट्ठा संचालकों और व्यापारियों तक की चिंता बढ़ी, जनहित समिति ने कहा—रेल विकास जरूरी, लेकिन ऐसा रास्ता चुना जाए जिससे स्थानीय लोगों का कम से कम नुकसान हो

BREAKING NEWS : तीसरी-चौथी रेल पटरी के नए सर्वे रूट पर नागदा में उबाल, राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन, पढ़े खबर

नागदा। नागदा क्षेत्र में प्रस्तावित तीसरी एवं चौथी रेल पटरी के लिए किए जा रहे नए सर्वे मार्ग को लेकर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। सोमवार, 17 अगस्त को नागदा जनहित समिति ने राज्यपाल श्री थावरचंद गेहलोत को ज्ञापन सौंपकर प्रस्तावित नए रूट की पुनः समीक्षा कराने तथा कम से कम नुकसान वाले वैकल्पिक मार्ग का सर्वे कराने की मांग उठाई।

समिति के अनुसार रेलवे की सर्वे टीम ने नवीन कृषि उपज मंडी नागदा के पहले गेट से रतन्याखेड़ी रोड, बेरछा रोड, जूना नागदा और गिंदवानिया होते हुए स्टेट हाईवे-17 पर गुरुकृपा ढाबे के समीप तक नए सर्वे के निशान लगाए हैं। इस नए मार्ग की जानकारी सामने आने के बाद इससे जुड़े किसानों, ईंट भट्ठा संचालकों, श्रमिकों और व्यापारियों में चिंता का माहौल है।

2 से 4 बीघा जमीन वाले छोटे किसानों पर मंडराया संकट

जनहित समिति ने ज्ञापन में कहा कि प्रस्तावित रेल मार्ग से बड़ी संख्या में छोटे एवं सीमांत किसान प्रभावित हो सकते हैं। क्षेत्र के कई किसानों के पास मात्र 2 से 4 बीघा कृषि भूमि है और इसी जमीन से उनके परिवार की आजीविका चलती है। ऐसे में जमीन का हिस्सा रेल परियोजना में जाने पर इन परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा होने की आशंका है। समिति ने मांग की कि सर्वे के दौरान केवल तकनीकी दृष्टि से ही नहीं, बल्कि प्रभावित परिवारों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को भी ध्यान में रखा जाए।

50 से अधिक ईंट भट्ठे प्रभावित होने की आशंका, 15 हजार श्रमिकों की रोजी-रोटी पर सवाल

ज्ञापन में क्षेत्र के 50 से अधिक ईंट भट्ठों के प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। समिति के अनुसार नागदा और आसपास के करीब 60 गांवों के लगभग 15 हजार श्रमिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से ईंट भट्ठा व्यवसाय से जुड़े हैं। समिति का कहना है कि यदि प्रस्तावित रेल लाइन के कारण ईंट उद्योग प्रभावित होता है तो इसका सीधा असर हजारों श्रमिक परिवारों के रोजगार पर पड़ सकता है। इसलिए रेल लाइन के अंतिम मार्ग का निर्धारण करने से पहले ईंट उद्योग और उससे जुड़े श्रमिकों के हितों का भी अध्ययन किया जाना चाहिए।

कृषि उपज मंडी की आवाजाही प्रभावित होने की भी जताई चिंता

नवीन कृषि उपज मंडी के समीप से रेल लाइन गुजरने की स्थिति में मंडी तक पहुंच और आवागमन प्रभावित होने की आशंका भी समिति ने जताई है। किसानों को अपनी कृषि उपज मंडी तक पहुंचाने में परेशानी होने के साथ ही कृषि व्यापार पर भी इसका असर पड़ने की बात ज्ञापन में कही गई।

व्यापारियों की वर्षों की जमा पूंजी पर भी खतरा

समिति ने बताया कि सर्वे मार्ग के आसपास कई मध्यमवर्गीय व्यापारियों ने वर्षों की मेहनत और बचत से जमीन एवं प्लॉट खरीदे हैं। यदि प्रस्तावित रेल मार्ग इन संपत्तियों से होकर गुजरता है तो व्यापारियों को भी भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। समिति ने कहा कि विकास परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण आवश्यक होने की स्थिति में प्रभावित लोगों के हितों और उनके आर्थिक नुकसान को गंभीरता से देखा जाना चाहिए।

रेल परियोजना के विरोध में नहीं समिति, वैकल्पिक मार्ग की मांग

नागदा जनहित समिति ने स्पष्ट किया कि क्षेत्रवासी तीसरी और चौथी रेल पटरी के निर्माण के विरोधी नहीं हैं। समिति का कहना है कि क्षेत्र के विकास और बेहतर रेल कनेक्टिविटी के लिए परियोजना महत्वपूर्ण है, लेकिन विकास ऐसा होना चाहिए जिसमें किसानों, श्रमिकों और व्यापारियों को अनावश्यक नुकसान न उठाना पड़े। समिति ने राज्यपाल से मांग की कि वर्तमान सर्वे रूट की पुनः समीक्षा कर ऐसा वैकल्पिक मार्ग तलाशा जाए, जिसमें रेल परियोजना भी आगे बढ़े और प्रभावित लोगों की जमीन, रोजगार तथा व्यापार को कम से कम नुकसान हो।

राज्यपाल से रेल मंत्री तक मुद्दा पहुंचाने की उम्मीद

समिति ने उम्मीद जताई कि राज्यपाल इस मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय रेल मंत्री को पत्र लिखकर नागदा क्षेत्र के प्रभावित लोगों की समस्याओं से अवगत कराएंगे और नए सर्वे मार्ग पर पुनर्विचार के लिए उचित पहल करेंगे।

ज्ञापन का वाचन मोतीलाल प्रजापत ने किया।

इस अवसर पर मनोज राठी, बसंत मालपानी, दिलीप कांठेड़, भवानी सिंह देवड़ा, श्याम प्रजापत, लखन गुर्जर, राजेंद्र रघुवंशी, मनीष चापलोद, शुभकरण सिंह चौधरी, मनीष कांठेड़, राजा कर्णावत, अक्षत जैन, विजय संघवी, नितिन जैन, दिनेश सेठिया, रवि पाटीदार, कमलनयन जैन, हितेंद्र शुक्ला, जनक पुरोहित, करण जाट, मयंक चापलोद, अनुज कांठेड़, राजेंद्र जैन, लाला बन्ना रतन्याखेड़ी, निर्मल कुमावत, राहुल शर्मा, हुकुम सिंह गोयल, संजय जायसवाल, राजेश जायसवाल, अशोक चौधरी, सुरेश चौधरी, मन्नालाल चौधरी, चेतन चौधरी, लक्ष्मण चौधरी, राकेश चौहान, दीपक पाटीदार, कल्लू चौधरी, राधेश्याम चौहान, भारत पालिया, कैलाश कुमावत, अभी परिहार, रवि पाटीदार, कार्तिक पाटीदार, पंकज प्रजापत, विपिन प्रजापत, संतोष प्रजापत, महेश प्रजापत, ऋतिक प्रजापत, आशिक मेव, इक्का सेठ, अशोक पुरी सहित समिति के सदस्य एवं क्षेत्रवासी मौजूद रहे। जानकारी मीडिया प्रभारी चेतन पाटीदार ने दी।